इंटरनेट क्या है और कैसे काम करता है | Internet In Hindi

जब हम किसी मुसीबत में होते हैं या हमें कोई ऐसी जानकारी प्राप्त करनी होती है जो कि किताबों में नहीं है। तो उसके लिए हम इंटरनेट का सहारा लेते हैं लेकिन इसके बावजूद भी अधिकतर लोगों के मन में यह संशय रहता है कि इंटरनेट क्या होता है।

अधिकतर लोग इंटरनेट के बारे में नहीं जानते हैं और वह जानना चाहते हैं कि आखिर इंटरनेट होता क्या है? और वह काम कैसे करता है। इंटरनेट एक ऐसी चीज है जहां से हमें हर कोई जानकारी बिल्कुल फ्री में उपलब्ध हो जाती है।

इसके लिए बस हमें अपने नेटवर्क प्रोवाइडर से कुछ डाटा पैक करवाना होता है। उसके बाद आप आसानी से इंटरनेट को एक्सेस कर सकते हैं लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर इंटरनेट कार्य कैसे करता है। वह इंटरनेटर्सल रूप में है क्या क्या आप फेसबुक और व्हाट्सएप चला रहे हो यही इंटरनेट है।

जी नहीं, दरअसल इंटरनेट इससे कहीं अधिक है आइए जानते हैं कि इंटरनेट क्या होता है और वह काम कैसे करता है।

इंटरनेट क्या है?

अगर आप इंटरनेट को अलग-अलग शब्दों से देखते हैं तो यह दो शब्दों से मिलकर बना हुआ है। इंटर तथा नेट अगर दोनों शब्दों का आपस में कनेक्टेड किया जाए तो वह इंटरनेट कहलाते हैं। इसके साथ ही नेट यानी की जाल और इसी वजह से इंटरनेट को अंतरजाल भी कहते हैं।

इसके साथ ही कुछ शब्दों में इंटरनेट को वाइड एरिया नेटवर्क भी कहा जाता है वाइड एरिया नेटवर्क इसलिए कहा जाता है। क्योंकि यह सिर्फ एक जगह पर कार्य नहीं करता है। यह पूरे वर्ल्ड वाइड में कार्य करता है और यही वजह है कि इसे वाइड एरिया नेटवर्क के नाम से भी जाना जाता है।

दरअसल जब भी आप किसी दो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को बिना किसी तारों के कनेक्ट करते हैं तो वह इंटरनेट कहलाता है। वाईफाई के साथ भी कनेक्ट कर सकते हैं लेकिन इंटरनेट उनसे काफी अलग है।

वही इंटरनेट को ग्लोबल नेटवर्क के नाम से भी जाना जाता है। इसके साथ ही इंटरनेट का प्रयोग लगभग सभी करते हैं। आपके आसपास जितने भी कंप्यूटर है वह सिर्फ और सिर्फ इंटरनेट की वजह से ही प्रयोग में लाए गए हैं। क्योंकि अगर इंटरनेट काम करना बंद कर जाए तो यह पूरा देश की अर्थव्यवस्था काफी बुरे तरीके से बिगड़ जाएगी।

हालांकि इंटरनेट कभी बंद तो नहीं हो सकता लेकिन हमने आपको बस एक उदाहरण दिया है।

इंटरनेट काम कैसे करता है?

अब आप ऊपर दिए गए आर्टिकल से इंटरनेट क्या होता है यह तो समझ गए होंगे लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि इंटरनेट कार्य कैसे करता है। जब आप इंटरनेट पैक डलवाते हो तो आप सिर्फ अपना इंटरनेट कनेक्शन ऑन करते हैं।

उसके बाद आप जब भी फेसबुक या व्हाट्सएप ओपन करते हैं तो आप आसानी से इंटरनेट एक्सेस कर लेते हैं। लेकिन क्या सिर्फ इतनी आसानी से इंटरनेट चल सकता है। जी नहीं, इंटरनेट चलने के लिए काफी चीजों के ऊपर डिपेंड रहना होता है।

अगर आप इंटरनेट के कार्य के बारे में जानना चाहते हो तो सबसे पहले आपको इंटरनेट को सही तरीके से समझना होगा। दरअसल इंटरनेट कभी भी डायरेक्टली काम नहीं करता है सबसे पहले इंटरनेट के लिए डेटाबेस बनाए जाते हैं। उन डेटाबेस में आपको हजारों की तादाद में डाटा रखा होता है।

जब आप उससे संबंधित कुछ इंटरनेट पर सर्च करते हैं। तो वह इंटरनेट उन डेटाबेस के माध्यम से जानकारी उठाता है और आपको प्रोवाइड कराता है।

जब एक बार डेटाबेस बनकर तैयार हो जाए उसके बाद इंटरनेट प्रोटोकॉल टेक्नोलॉजी की सहायता से केबल को आपस में जोड़ा जाता है। यह केवल फाइबर की बनी होती है और यह लगभग समुद्र में कई फीट गहराई पर होती है। इसके बाद इन फाइबर केबल की मदद से दो देशों के डेटाबेस को आपस में जोड़ा जाता है

इस तरह से हर देश के डेटाबेस को एक दूसरे से जोड़ा जाता है इसके लिए फाइबर केबल का प्रयोग किया जाता है। यही वजह है कि इंटरनेट को अंतरजाल कहते हैं क्योंकि इसमें फाइबर का जाल बना होता है। एक देश से दूसरे देश और दूसरे देश से तीसरे देश के लिए। इस तरह इंटरनेट कार्य करता है।

इसके बाद जब डेटाबेस तथा फाइबर वाला काम कंप्लीट हो जाता है तो आपको उस नेटवर्क प्रोवाइडर द्वारा उनका इंटरनेट पैक खरीदना होता है। इसका अर्थ यह है कि आपको उस डाटाबेस को देखने के लिए कुछ चार्ज देने पड़ते हैं। उदाहरण के लिए जब आप एयरटेल कंपनी का इंटरनेट पैक डलवाते हो तो आपको उदाहरण के लिए 2GB/Day मिलता है।

इसका अर्थ यह है कि आप 2GB तक का इंटरनेट डाटा 1 दिन के अंदर यूज कर सकते हैं। उसके अंतर्गत आपको जितनी भी जानकारी डेटाबेस से लेनी है आप ले सकते हैं।

इंटरनेट का अविष्कार किसने किया व इतिहास

अगर भारत की बात करें तो इंटरनेट भारत में सबसे पहले 6 अगस्त 1991 को आया था। इसी दिन एक वेबसाइट भारत में लांच की गई थी। भारत में इंटरनेट की शुरुआत सबसे पहले भारत संचार निगम लिमिटेड द्वारा शुरू की गई। साल 1995 में भारतीय संचार निगम लिमिटेड द्वारा इंटरनेट सर्विस शुरू की गई।लेकिन अगर इंटरनेट का आविष्कार सही रूप से जाना हो तो उसकी जानकारी कुछ और ही है।

दरअसल साल 1969 में विदेश में चार यूनिवर्सिटी द्वारा एक नेटवर्क प्रोटोकोल बनाया गया था। जिसे ARPANET नाम दिया गया। इसके साथ ही इसका निर्माण अमेरिका ने मुख्य रूप से सैनिकों के लिए किया था। लेकिन इसकी सफलता तथा इसके फायदों को देखकर धीरे-धीरे इसका प्रयोग जनता द्वारा भी किया जाने लगा।

निष्कर्ष

इस तरह से इस आर्टिकल में हमने आपको बताया कि कैसे आप आसानी से इंटरनेट तथा वह कैसे काम करता है। इसके बारे में जान सकते हैं। अगर अभी भी इंटरनेट क्या है और वह कैसे काम करता है। इससे संबंधित आपके मन में कुछ सवाल है तो आप कमेंट कर सकते हैं।

हमने इंटरनेट के अविष्कार तथा उसके इतिहास के बारे में भी काफी अच्छे से चर्चा की है। इसके साथ ही अगर आप ऐसे ही जानकारी चाहते हैं तो हमें फॉलो जरूर करें।

संबंधित प्रश्न

इंटरनेट का अविष्कार कब हुआ था?

Internet का पहला अविष्कार 29 अक्टूबर 1969 को रात 10:30 बजे स्टैनफोर्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट से हुआ। इससे पहले ARPANET संदेश भेजा गया था।

Arun HindiSe Writer

ARUN KUMAR

अरुण कुमार hindise.in का कुशल और अनुभवी लेखक है। वह make money online, Tips & Tricks और biography जैसे विषयों पर लेख साझा करता है। उसने HindiSe समेत कई अन्य नामचीन हिंदी ब्लोगों के साथ काम किया है।

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