Antivirus क्या है? यह कैसे काम करता है? [पूरी जानकारी]

जब भी हमारे स्मार्टफोन या कंप्यूटर में किसी प्रकार का वायरस आ जाता है तो उसको भगाने के लिए एंटीवायरस का प्रयोग किया जाता है। हालांकि एंटीवायरस को आप इस तरीके से तो आसानी से समझ जाओगे। लेकिन क्या वास्तव में एंटीवायरस सिर्फ इतना ही होता है कि वह किसी वायरस को नहीं आपके कंप्यूटर में आने देता?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एंटीवायरस वैसे तो यही है। लेकिन उसकी डेफिनेशन काफी ज्यादा अलग है। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि एंटीवायरस क्या होता है और वह कार्य कैसे करता है। क्योंकि किसी भी चीज का कार्य करने का तरीका आपको पता जरूर होना चाहिए।

अगर आपके पास एक स्मार्टफोन है या फिर कंप्यूटर है तो आपको एंटीवायरस के बारे में पता होना लाजमी है। दरअसल एंटीवायरस काफी ज्यादा इंपॉर्टेंट रोल प्ले करता है। हमारे कंप्यूटर को प्रोटेक्ट करने में क्योंकि आज के समय में काफी ज्यादा साइबर अटैक होते हैं। हालांकि इन अटैक को डायरेक्ट किसी भी एप्लीकेशन के माध्यम से नहीं रोका जा सकता है।

लेकिन कुछ ऐसी एप्लीकेशन होती है जो कि आपकी कंप्यूटर को काफी हद तक सुरक्षित बना देती है। जिन्हें एंटीवायरस के नाम से जाना जाता है परंतु अधिकतर लोगों को एंटीवायरस के बारे में बिल्कुल भी जानकारी नहीं होती है। अगर आप भी उनमें से हैं तो आप बिल्कुल सही आर्टिकल पर आए हैं। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि एंटीवायरस क्या होता है तथा वह कार्य कैसे करता है।

Antivirus क्या है?

आज के समय में इस साइबरसिक्योरिटी कितना ज्यादा इंपॉर्टेंट बन चुका है। यह तो आप जानते ही होंगे आज के समय में जब भी कोई बड़ी कंपनी इंटरनेट पर आती है। तब उसकी सबसे बड़ी समस्या यही रहती है कि उसका डाटा किसी भी तरीके से लिखना हो। क्योंकि अधिकतर हैकर्स ऐसे होते हैं जो कि कंपनी का डाटा लीक करने में लगे रहते हैं।

ताकि वह उस कंपनी को परेशान कर सके तथा उसके डाटा को लिख करके उस इंफॉर्मेशन को आसानी से किसी दूसरे व्यक्ति को बेच सकें। यही वजह है कि आज के समय में वायरस का अटैक बहुत ही ज्यादा कॉमन बन चुका है। लेकिन इस वायरस से बचने के लिए एक एंटीवायरस या फिर एक ऐसे सॉफ्टवेयर का निर्माण किया जाता है जो कि उस वायरस को आने ही नहीं देता।

वह एक फायरवॉल की तरह काम करता है और आसानी से आपके कंप्यूटर को सिक्योरिटी प्रदान करता है। एंटीवायरस का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह आपके कंप्यूटर के अंदर किसी भी ऐसी थर्ड पार्टी एप्लीकेशन को पहचान लेता है। जोकि वायरस से भरी हुई होती है

वह एक फायरवॉल की तरह काम करता है और आसानी से आपके कंप्यूटर को सिक्योरिटी प्रदान करता है। एंटीवायरस का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह आपके कंप्यूटर के अंदर किसी भी ऐसी थर्ड पार्टी एप्लीकेशन को पहचान लेता है। जोकि वायरस से भरी हुई होती है

वह एक फायरवॉल की तरह काम करता है और आसानी से आपके कंप्यूटर को सिक्योरिटी प्रदान करता है। एंटीवायरस का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह आपके कंप्यूटर के अंदर किसी भी ऐसी थर्ड पार्टी एप्लीकेशन को पहचान लेता है। जोकि वायरस से भरी हुई होती है उदाहरण।

के लिए अगर आपके स्मार्टफोन या फिर कंप्यूटर में कोई ऐसी एप्लीकेशन है जिसके अंदर थोड़ा सा भी वायरस मौजूद है। ऐसे में आपके कंप्यूटर को बिल्कुल भी पता नहीं चलता है और वह उस एप्लीकेशन का प्रयोग आसानी से कर लेता है। लेकिन इसी वक्त एंटीवायरस काम आता है और वह उस एप्लीकेशन को पहले स्कैन करता है।

Antivirus क्यों आवश्यक है?

अगर उसको कोई भी सस्पाइसियस एक्टिविटी दिखाई देती है तो वह उस एप्लीकेशन को या तो इनस्टॉल ही नहीं होने देगा या फिर आपको वह एक वार्निंग दे देगा। इसकी वजह से आपको यह पता चल जाएगा कि आपके कंप्यूटर के अंदर इस एप्लीकेशन के माध्यम से वायरस आ सकता है। इसलिए उस पर एप्लीकेशन को आसानी से अनइनस्टॉल या फिर प्रयोग नहीं करें।

उदाहरण के लिए अगर आपके स्मार्टफोन या फिर कंप्यूटर में कोई ऐसी एप्लीकेशन है जिसके अंदर थोड़ा सा भी वायरस मौजूद है ऐसे में आपके कंप्यूटर को बिल्कुल भी पता नहीं चलता है और वह उस एप्लीकेशन का प्रयोग आसानी से कर लेता है। लेकिन इसी वक्त एंटीवायरस काम आता है और वह उस एप्लीकेशन को पहले स्कैन करता है।

अगर उसको कोई भी सस्पाइसियस एक्टिविटी दिखाई देती है तो वह उस एप्लीकेशन को या तो इनस्टॉल ही नहीं होने देगा या फिर आपको वह एक वार्निंग दे देगा। इसकी वजह से आपको यह पता चल जाएगा कि आपके कंप्यूटर के अंदर इस एप्लीकेशन के माध्यम से वायरस आ सकता है। इसलिए उस पर एप्लीकेशन को आसानी से अनइनस्टॉल या फिर प्रयोग नहीं करें।

उदाहरण के लिए अगर आपके स्मार्टफोन या फिर कंप्यूटर में कोई ऐसी एप्लीकेशन है जिसके अंदर थोड़ा सा भी वायरस मौजूद है। ऐसे में आपके कंप्यूटर को बिल्कुल भी पता नहीं चलता है और वह उस एप्लीकेशन का प्रयोग आसानी से कर लेता है। लेकिन इसी वक्त एंटीवायरस काम आता है और वह उस एप्लीकेशन को पहले स्कैन करता है।

अगर उसको कोई भी सस्पाइसियस एक्टिविटी दिखाई देती है तो वह उस एप्लीकेशन को या तो इनस्टॉल ही नहीं होने देगा या फिर आपको वह एक वार्निंग दे देगा। इसकी वजह से आपको यह पता चल जाएगा कि आपके कंप्यूटर के अंदर इस एप्लीकेशन के माध्यम से वायरस आ सकता है। इसलिए उस पर एप्लीकेशन को आसानी से अनइनस्टॉल या फिर प्रयोग नहीं करें।

एंटीवायरस कैसे काम करता है?

अब अधिकतर लोगों के मन में एक सवाल जरूर उठा होगा कि आखिरकार एंटीवायरस कैसे काम करता है। आखिर किस तरीके से कोई भी एंटीवायरस है। यह पता कर लेता है कि उस पार्टी कूलर एप्लीकेशन के अंदर या फिर उस पार्टी कूलर वेबसाइट के अंदर किसी भी प्रकार का वायरस मौजूद हो सकता है।

तो उसके लिए सबसे पहले आपको एंटीवायरस की कार्यप्रणाली को सही तरीके से समझना होगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जब भी किसी एंटीवायरस सॉफ्टवेयर का निर्माण किया जाता है। तो उसके अंदर कुछ ऐसे कोड डाले जाते हैं जो कि एक सिंपल एप्लीकेशन को आसानी से स्कैन कर लेते ।हैं लेकिन जो भी एप्लीकेशन बनी होती है। वह कुछ कोडिंग के माध्यम से ही बनी होती है।

इस प्रकार उस कोडिंग को आसानी से एंटीवायरस एप्लीकेशन द्वारा स्कैन किया जाता है। लेकिन अगर उस कोडिंग के अंदर कोई छेड़छाड़ है या फिर उसके अंदर कोई ऐसा कोड मौजूद है। जो कि आपको Spy कर सकता है तो वह ऐसे में आपको वार्निंग दे देगा। इसी वजह से एंटीवायरस काफी ज्यादा मशहूर है और वह इसी तरीके से कार्य करता है।

हालांकि आज के समय में किसी भी एंटीवायरस द्वारा वार्निंग देना काफी ज्यादा कम हो चुका है। क्योंकि जितने भी सॉफ्टवेयर या फिर एंटीवायरस सॉफ्टवेयर बनाए गए हैं। वह अब वार्निंग नहीं देते हैं बल्कि ऑटोमेटिक उस कोड को या फिर उस एप्लीकेशन को ब्लॉक कर देते हैं। इसका अर्थ यह है कि जब भी आप किसी ऐसी एप्लीकेशन को इंस्टॉल करते हैं। जिसके अंदर वायरस है तो आपका एंटीवायरस तुरंत उस एप्लीकेशन को स्कैन करेगा।

यह सब बैकग्राउंड में होता है और यह आपको सामान्य आंखों से दिखाई नहीं देगा। जैसे ही वह इस एप्लीकेशन को स्कैन कर लेगा और उसके अंदर कुछ ऐसा वायरस पाएगा तो वह ऑटोमेटिक उसको डिलीट करने लगेगा। हालांकि कई मामलों में आपको वह नोटिफिकेशन देगा लेकिन अधिकतर आज के समय में ऐसा नहीं होता है।

निष्कर्ष

इस तरह से इस आर्टिकल में हमने आपको बताया कि एंटीवायरस क्या होता है। हमने एंटीवायरस की सबसे आसान शब्दों में वर्णन करने की कोशिश की है। अगर इसके बावजूद भी एंटीवायरस से संबंधित आपको कोई समस्या आती है तो आप हमें कमेंट कर सकते हैं। इसके साथ ही एंटीवायरस किस तरीके से कार्य करता है।

वह भी हमने आपको बताने की कोशिश की है हमने एंटीवायरस की कार्यप्रणाली को बहुत ही आसान शब्दों में बताने की कोशिश की है। अगर आपको फिर भी कोई समस्या आती है तो आप हमें कांटेक्ट कर सकते हैं। ऐसी जानकारी के लिए आप हमें फॉलो जरूर करें आप हमें गूगल न्यूज़ या फिर न्यूज़लेटर के माध्यम से भी सब्सक्राइब कर सकते हैं।

संबंधित प्रश्न

सबसे अच्छा एंटीवायरस कौन सा है?

अगर आपके पास एक लैपटॉप या कंप्यूटर है तो आपके पास सबसे अच्छा है। एंटीवायरस होना बेहद जरूरी है लेकिन अधिकतर लोगों को सबसे अच्छा एंटीवायरस का इतना ज्यादा पता नहीं होता है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अगर इस समय के सबसे अच्छे एंटीवायरस की बात करें तो वह Quick Heal है। क्योंकि आपने हर जगह उसकी एडवर्टाइजमेंट देखी होगी वह काफी ज्यादा अच्छा है और काफी बढ़िया सुरक्षा प्रदान करता है लेकिन वह काफी ज्यादा महंगा भी है।

Arun HindiSe Writer

ARUN KUMAR

अरुण कुमार hindise.in का कुशल और अनुभवी लेखक है। वह make money online, Tips & Tricks और biography जैसे विषयों पर लेख साझा करता है। उसने HindiSe समेत कई अन्य नामचीन हिंदी ब्लोगों के साथ काम किया है।

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